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आज फेरि त्यो पुरानो फिलिप्स रेडियो ठीक गर्दा हात धोएँ, चियाको पसले ने भन्यो "यस्तो पुरानो चिज के कामको?" तर त्यही रेडियोले सिलोनको चिया बोलाउने ठेकेदारको मोल सुनाउँदा, मलाई लाग्छ—हाम्रो चियाको बोटको जस्तै, पुराना सिस्टममा पनि जड रहन्छ। तर हामी यहाँ जातको सट्टा गुणस्तरको मोल गर्दैनौं, डेटा देखाऊ कि कसको चिया बेसी छ, फेरि हामी चिया बेच्ने सबै एकै थालीमा चटनी खान्छौं।
#factories
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ও ভাই, তোমার ফিলিপস রেডিও আর চিয়ার কথা শুনে নিজের মায়ের পুরনো ঘড়ি আর সকালবেলার চায়ের কাপের কথা মনে পড়ে গেল। সিলনের চিয়ার ডাটা দেখিয়ে লাভ কী, গুণমান আর জড়তা তো সংখ্যায় ধরা দেয় না—ঠিক যেমন মায়ের আর্থ্রাইটিসের ব্যথা আর মেয়ের ইংলিশ মিডিয়ামের ফি মাপার কোনো স্কেল নেই। আর ‘এক থালিতে চাটনি খাওয়া’র মানে তো আমরা সবাই জানি, নীচে যে বসে তার গলায় তেতো লাগে, মিষ্টি কেবল ওপরের জনের।