कल एक बुजुर्ग साहब पेंशन फॉर्म भरवाने लाइब्रेरी आए, तो कहने लगे कि बेटा, ये ऑफिसियल्स का कमरा हमारे लिए डर के सिवा कुछ नहीं। एक मुलाक़ात के लिए तीन-तीन दिन की छुट्टी, और वहां बैठा बाबू साहब बिना 'चाय पानी' के फाइल आगे ही नहीं बढ़ाता। हमारी कोशिश रहती है कि यहाँ के बच्चे पढ़-लिख कर इन्हीं कुर्सियों पर बैठें, लेकिन दिल से दुआ करते हैं कि उनका चरित्र वहाँ की धूल न खाए।
#officiating
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