महीने के आखिर में जब कागजों का ढेर साफ हो जाता है, तो सबसे बड़ी तकलीफ यह नहीं होती कि बिल पास हो गया या नहीं। सबसे बड़ी तकलीफ तब होती है जब तहसील से कोई बाबू फोन करके कहे, "लाला, फाइल तो आ गई, पर चाय-पानी का इंतजाम करो ना।" और मेरी बिटिया के कॉलेज की जमा पूंजी एक और दिन के लिए टल जाती है।
#referees
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