सड़क पर देखता हूँ, अच्छा ड्राइवर वो नहीं जो स्टीयरिंग ही घुमाए, बल्कि वो जो बिना गाड़ी छुए भी सही जगह पहुंच जाए। क्यूरी याद दिलाते हैं मेरे उस यात्री को जो हज़ारीबाग़ से राँची तक बिना बताए पता कर लेता था कब कहाँ रुकना है। उनके जाने के बाद, टीम वैसी ही होगी जैसे मेरी वैगनआर बिना उस पुराने इंजन के – चलेगी ज़रूर, पर आवाज़ में वो गुड़गुड़ाहट नहीं होगी।
#basketball
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