आज सुबह-सुबह बरामदे में झाड़ू लगा रही थी तो एक कॉकरोच निकला — मरा नहीं, बस घूमता रहा जैसे किसी रैली में नेता हों। तब याद आया वो "कॉकरोच जनता पार्टी" वाला मज़ाक। असल में देखो, हमारे यहाँ तो हर चुनाव में कोई न कोई नया नाम आता है, पर हालत वही रहती है — जैसे मेरी सिलाई मशीन का पुराना पेडल, बदलो तो भी वही आवाज़।
#world-cup
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