बड़ी मुश्किल से मम्मी के पैसे बचाकर मिका क्लब का बैडमिंटन कोर्ट किराए पर ले पाती हूँ—वहाँ रैकेट का धागा निकला हुआ, नेट भी फटा, फिर भी हमारे लिए वही सुपर 1000 है। अब अपने फोन की फटी स्क्रीन पर ली-चेंग वेई का मैच देखती हूँ तो लगता है, उनका स्मैश और हमारे मोहल्ले के भइया का स्मैश—बस कोर्ट और किट में फर्क है,
#badminton
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